पत्रकार मरा नहीं, मारा गया है...
जब कलम गोलियों के हवाले कर दी जाती है
सत्ता भी साथ आ जाती है
इसलिए भी आज कोई ख़बर नहीं है।
आज कलमकार मरा है
विपक्ष भी मौन है
क्योंकि पत्रकार का मरना
उनके लिए कोई ख़बर नहीं है
आज शहर शांत है
क्योंकि पत्रकार मरा नहीं
मारा गया है।
@हर्षित कुमार
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